आज हम जानेंगे कि नेटवर्थ क्या होता है? नेट वर्थ एक व्यक्ति का भी होता है, एक कंपनी का भी होता है, एक सरकार का भी नेट वर्थ होता है, और यहां तक कि एक देश का भी नेटवर्थ होता है। इसीलिए आज हम आपको बारी बारी से इन चारों के बारे में बताएंगे।

नेट वर्थ एक व्यक्ति को बता सकता है कि कब उसको रिटायरमेंट लेना चाहिए और कोई लोन दिलाने में भी मदद करता है। नेटवर्थ एक कंपनी को कंपनी के लिए फंड रेज करने में और, इंवेस्टर्स को आकर्षित करने में मदद कर सकता है। नेटवर्थ एक सरकार या देश को ये बता सकता है कि वर्तमान में देश कि क्या स्थिति है और आने वाले समय में कैसी स्थिति रहेगी।

नेटवर्थ एक व्यक्ति के लिए क्या होता है?

वित्तीय संपत्ति में से होने वाले खर्च को घटाने पर जो बचता है, वही नेट वर्थ होता है। वित्तीय संपत्ति जैसे कि घर, गाड़ी, जेवर, बैंक खाते, लाइफ इंश्योरेंस, स्टॉक और बॉन्ड नेटवर्थ को बढ़ाते हैं। खर्च या लाइबिलिटीज जैसे कि कार लोन या होम लोन, बंधक, देय लेखा, और क्रेडिट कार्ड बैलेंस बकाया रहने पर नेटवर्थ घटता है। संक्षेप में कहें तो अगर किसी व्यक्ति के पास बजत से ज्यादा कर्ज है, तो उसका नेटवर्थ निगेटिव होगा।

चलिए एक उदाहरण से इसे समझते हैं। मान लीजिए कि एक दंपति के पास उनकी सेविंग और रिटायरमेंट अकाउंट मिलाके 70 लाख है। वो जिस घर में रहते हैं उसकी वैल्यू 90 लाख है। उनके पास दो कार है जिसका मूल्य 15 लाख है। कुल मिलाकर उनकी पूरी संपत्ति 1 करोड़ 75 लाख की हो गई।

अब मान लीजिए कि 30 लाख उनपे बंधक का बकाया है। उन्होंने 10 लाख का कार लोन भी ले रखा है। जो क्रेडिट कार्ड उनके पास है, उसपे भी 5 लाख का कर्ज है, तो इनकी देनदारी यानी कि लाइबिलिटी 45 लाख की हो गई। इसको अब इनकी संपत्ति में से घटाते हैं, तो 1 करोड़ 75 लाख में 45 लाख घटाने पर 1 करोड़ 30 लाख इनका नेटवर्थ निकल आएगा। तो दोस्तों ऐसे ही आप अपना भी नेटवर्थ कैलकुलेट कर सकते हैं। चलिए अब आगे जानते हैं कि एक कंपनी का नेटवर्थ क्या होता है?

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नेटवर्थ एक कंपनी के लिए क्या होता है?

बिज़नेस में नेटवर्थ को इक्विटी या बुक वैल्यू भी कहा जाता है। सामान्य तौर पर कंपनी के लिए भी एक व्यक्ति की तरह ही संपत्ति और देनदारी से नेटवर्थ तय होता है, जो कंपनी द्वारा जारी किए गए फाइनेंशियल स्टेटमेंट के वेल्यू से पता चलता है। किसी कंपनी की प्रोडक्ट्स बनाने वाली मशीन, कंपनी के नाम से रजिस्टर्ड जमीन, और उस कंपनी के दूसरे कंपनी को दिया हुआ कर्ज, या बकाया उस कंपनी की संपत्ति मानी जाती है।

ध्यान रखें कि बहुत हद तक चीजों के सही मार्केट वैल्यू बैलेंस शीट पर नहीं दिखाए जाते हैं, बैलेंस शीट एतिहासिक लागत को हाइलाइट करते हैं। इसी तरह कंपनी की कंपनी चलाने के लिए लगाई गई लागत, सरकार को दिया गया टैक्स, रिसर्च और डेवलपमेंट में खर्च किए गए पैसे, कंपनी की देनदारी या लाइबिलिटीज में शुमार किया जाता है। किसी कंपनी की बैलेंस शीट में शेयर धारकों की इक्विटी से ज्यादा कंपनी को घाटा हुआ है तो उस कंपनी का नेटवर्थ निगेटिव होगा।

किसी कंपनी को ऋण देने वाले उस कंपनी को पैसे देने से पहले उस कंपनी का नेटवर्थ जांचते हैं, और अगर नेटवर्थ पोजिटिव आता है, तो उन्हें विश्वास हो जाता है कि कंपनी ऋण लिया गया पैसा वापस लौटा पाएगी। अगर कोई कंपनी लगातार मुनाफा कमा रही है, और उसका कमाया हुआ पैसा पूरी तरह से डिविडेंड के रूप में शेयर होल्डर्स को नहीं दिया जा रहा है, तो वो कंपनी बढ़ती हुई बुक वैल्यू रजिस्टर करा सकती है।

एक पब्लिक कंपनी के ऐसा करने से उस कंपनी की स्टॉक्स के मुल्य बढ़ते हैं। बिज़नेस ओनर्स को अपना नेटवर्थ बढ़ाने के लिए उनके इक्विटी पर ट्रेड करना जरूरी होता है। आजकल के जमाने में कंपनी कितनी भी बड़ी हो जाए, हमेशा उसके ऊपर सरकार होती है, जो उसे रेगुलेट करती है, तो अब जानते हैं एक सरकार का नेटवर्थ कैसे जानें।

एक सरकार के लिए नेटवर्थ क्या होता है?

बैलेंस शीट जो एसेट्स और लाइबिलिटीज को दिखाती है, ये बैलेंस शीट किसी सरकार के लिए भी बनाई जा सकती है। किसी सरकार के कर्ज की तुलना में उस सरकार की वित्तीय शक्ति मापने के लिए नेटवर्थ एक वैकल्पिक उपाय है। अधिकांश सरकारें government ओपरेशनल कोस्ट की पारदर्शिता कायम रखने के लिए, संचयी आधारित लेखा प्रणाली का उपयोग करती है। भविष्य की फिसकल इवेंट को बेहतर तरीके से करने के लिए कई सरकारें कैश अकाउंटिंग का भी इस्तेमाल करती हैं।

सरकार की सभी खर्चों को पारदर्शी बनाने के लिए संचयी-आधारित लेखा प्रणाली ही अधिक प्रभावी होता है। बड़ी बड़ी सरकारी संगठन नेटवर्थ को मापने के लिए कंसिस्टेंट और इफेक्टिव अकाउंटिंग पर ज्यादा भरोसा करती हैं।

सरकार की नेटवर्थ मापने के लिए आप उस सरकार की किए गए खर्चों, और जमा किए गए टैक्स के पैसों पर ध्यान देंगे, तो आप एक सरकार की नेटवर्थ निकाल सकते हैं। सरकार के खर्चे जैसे कि रोड बनाना, रेलवे लाइन बिछाना, पुल या ओवरब्रिज बनवाना, अस्पताल या स्कूल बनाना, और ऐतिहासिक स्मारकों की मरम्मत कराना, ये सब सरकार के खर्चे में आता है।

पूरे देश भर की आम से खास तक की जनता के भरे हुए कर सरकार की कमाई होती है। कंपनी से आने वाला टैक्स, ऐतिहासिक स्मारकों जैसे कि ताजमहल से भी जो कमाई होती है, वो भी सरकार के पास ही जाती है। ऐसे ही और सरकार की कमाई के आंकड़े देखकर आप किसी भी सरकार की नेटवर्थ निकाल सकते हैं। सरकार ही किसी देश को चलाती है, अब देश के बारे में जानते हैं कि एक देश का नेटवर्थ कैसे मापते हैं?

नेटवर्थ एक देश के लिए क्या होता है?

किसी देश का नेटवर्थ मापना बहुत ही बड़ा काम है, ये कंपनी और सरकार के जैसा नहीं होता है कि हम कुछ जानकारी लेते हैं, और थोड़ा सा जोड़-घटा करने पर नेटवर्थ निकल के आ जाता है। एक देश का नेटवर्थ मापने के लिए आपको उस देश में रह रहे सारे लोगों का नेटवर्थ, वहां की सारी कंपनियों का नेटवर्थ और वहां की सरकारों का नेटवर्थ भी चाहिए होता है।क्योंकि हमारे भारत जैसे देश में राज्य और केंद्रीय सरकारें अलग अलग होती है, इसीलिए आपको एक देश का नेटवर्थ जानने के लिए बहुत सारी जानकारियों की जरूरत पड़ेगी।

किसी भी देश के लिए खनिज और पेट्रोलियम सबसे बड़ा कमाई का जरिया होता है, तो देश की नेटवर्थ की गणना करते समय इन जैसे साधनों पर भी ध्यान दिया जाता है। लेकिन चिंता मत कीजिए आज के समय में ऐसे काम बड़ी बड़ी वेबसाइट पहले ही करके बैठी है, और वो डेटा इन्टरनेट पर मुफ्त में ही उपलब्ध है। वैसे क्या आप जानते हैं कि क्षेत्रफल के अलावा भी हमारा देश भारत किसी और भी चीज़ में पूरी दुनिया में पांचवे नंबर पर है।

जी हां दोस्तों! नेटवर्थ के मामले में हमारा हिंदुस्तान पूरी दुनिया में पांचवे स्थान पर है, और इंडिया का नेटवर्थ जानते हैं, कितना है? पूरे 12,833 बिलियन डॉलर, जो कि पूरी दुनिया की वेल्थ का तीन पॉइंट चार प्रतिशत है। सच में दोस्तों ये गर्व की बात है।

नेट वर्थ जानने के फायदे।

एक व्यक्ति के स्तर पर नेटवर्थ का पता होना आपकी ज़िन्दगी को सही दिशा में ले जा सकता है।आपको सही फैसले लेना सिखा सकता है। लेकिन नेटवर्थ का इस्तेमाल करके आप अपने आप की किसी से तुलना बिल्कुल भी न करें। ये अच्छा है कि समय समय पर अपना नेटवर्थ निकालना आपको बताता है, कि आप कितने साल में कितना फाइनेंशियली स्ट्रोंग हुए हैं, और इसकी मदद से आप आने वाले सालों में अपने गोल आसानी से set कर सकते हैं।

अगर आप एक कॉलेज स्टूडेंट हैं और स्टूडेंट लोन ले रखा है, तो जाहिर है कि आपका नेटवर्थ निगेटिव होगा। अगर आप पहली बार जॉब भी कर रहे हैं, तो आपको ज्यादा नेटवर्थ की चिंता नहीं करनी है।

नेटवर्थ को बढ़ाने के लिए बस अपने लोन चुकाइए, अपना घर बनाईए, अपनी गाड़ी खरीदिए, स्टॉक्स, मिचुएल फंड या गोल्ड में निवेश करीए। ये सब धीरे धीरे करते आपको पता ही नहीं चलेगा कि आपका नेटवर्थ कब निगेटिव से पोजिटिव हो गया। उम्मीद है आपको नेटवर्थ के बारे में सारी जानकारी मिल गई होगी।

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